Tuesday, November 3, 2009

गौ सेवा नारायण सेवा

गौ सेवा का महत्व
१ वासुदेव-देवकी के घर में जन्म लेने के पश्चात् भी भगवन कृष्ण नन्द बाबा के पुत्र बने यह नन्द बाबा कि गौ सेवा कि ही पुण्य फल था।
२ गौ सेवक रघु के नम से रघुवंश चला इनकी गौ सेवा कि वजह से ही भगवन राम रघुवंश में अवतरित हुए।
३ गौ माता ही ऐसा तीर्थ स्थान एवं अद्भुत जीता- जागता साक्षात दिव्य मन्दिर है जिसमें ३३ करोड़ देवी देवताओं का एक साथ वंदन, पूजन परिक्रमा और आरती करने तथा उन्हें भोज लगाने का सौभाग्य प्राप्त हो जाता है। आप गौ माता को एक घास खिला दीजिए और सारे देवी देवताओं व् पितरों को प्राप्त हो जाएगा।
४ गौ सेवा धर्म अर्थ काम मोक्ष का सहज साधन है।
गौ माता प्रमब्रहम श्री कृष्ण की परम आराध्य है।
गौ माता भव सागर से पार लगाने वाली साक्षात देवी है।
गौ माता की सेवा से भगवन प्राप्ति होती है।
राजा दिलीप से गाय माता (नंदनी) शांत स्वर मैं खाती है
न केवल पावसा प्रसुतिम वे ही माँ काम दुग्धाम प्रस्न्नाम॥
अर्थात में प्रसन्न होने पर सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली है।

समाप्त